Thursday, August 23, 2012

अनुसूचित जाति के सदस्य मुसहर परिवारों को उनके पुस्तैनी जमीन से कालोनाइजर द्वारा उजाड़ दिये जाने की घटना में लोहता थाना द्वारा कानूनी कार्यवाही न किये जाने के संदर्भ में।



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From: PVCHR ED <pvchr.india@gmail.com>
Date: 2012/8/19
Subject: अनुसूचित जाति के सदस्य मुसहर परिवारों को उनके पुस्तैनी जमीन से कालोनाइजर द्वारा उजाड़ दिये जाने की घटना में लोहता थाना द्वारा कानूनी कार्यवाही न किये जाने के संदर्भ में।
To: chairnhrc@nic.in



18 अगस्त, 2012
सेवा में,
                Chairperson,
                 NHRC,
            New Delhi

विषय: अनुसूचित जाति के सदस्य मुसहर परिवारों को उनके पुस्तैनी जमीन से कालोनाइजर द्वारा उजाड़ दिये जाने की घटना में लोहता थाना द्वारा कानूनी कार्यवाही न किये जाने के संदर्भ में। 

महोदय,
विदित हो कि 16 अगस्त, 2012 को उत्तर प्रदेशवाराणसी जिले के लोहता क्षेत्र के भट्ठी गाँव में वर्षो से बसे मुसहर परिवारों (अनुसूचित जाति) को क्षेत्र के कालोनाइजर द्वारा बुरी तरह मारपीट करके उनकी घर (झोपडि़याँ) फूलचंदसुरेन्द्रपप्पूरमेशसनीलालजी मुसहर आदि का उजाड़ दी गयी एवं उनके घर के सामान तहस-नहस कर दिया गया।
घटना की सूचना जब मुसहर परिवारों द्वारा लोहता थाने में दी गयी तब भी थाना द्वारा कोई F.I.R. दर्ज न कर मुसहर परिवारों को वापस लौटा दिया गया।
वापस अपने निवास स्थान पर आने पर मुसहर परिवारों द्वारा अपने झोपडि़यों को रहने योग्य बनाने की शुरूआत कीइतने में लोहता थाना के पुलिसकर्मी घटनास्थल पर आकर उन्हें झोपड़ी लगाने से रोकने लगे और मुसहर महिलाओं से पुरूष पुलिस कर्मियों द्वारा हाथापाई कर उनके निवास स्थान से भगा दियाजिसके बाद पीडि़ता राजकुमारी मुख्यमंत्री महोदय से लखनऊ जाकर शिकायत करने की बात कहकर लोहता रेलवे स्टेशन आकर पैसेन्जर गाड़ी का इंतजार करने लगी।
रात करीब दो बजे कालोनाइजर एवं उनके कई साथी लोहता रेलवे स्टेशन पर आकर चाकू दिखाकर जबरी ABC किया और बोटी-बोटी काटकर फेंक देने की धमकी दी।
घटना के बाद पीडि़ता ने 100 पर फोनकर पूरी बात बतायीकिन्तु पीडि़ता को सहायता नही मिली। तब दिन में 10 बजे जिलाधिकारीवाराणसी से मिलकर शिकायत कर एवं मेडिकल जाँच एवं F.I.R. लिखाने की प्रार्थना की जिस पर जिलाधिकारीवाराणसी द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) वाराणसी को निर्देशित किया गया।
पुनः वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा (SPRA) पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देश दिया गयाकिन्तु अभी तक न तो पीडि़ता का मेडिकल हुआ ना ही आरोपियों पर F.I.Rदर्ज की गयी।
अतः निवेदन है कि घटना को संज्ञान में लेकर दोषी पुलिस कर्मियों एवं कालोनाइजर पर SC/ST Act एवं D.K. Basu Guideline के अनुसार मुसहर परिवारों को पुर्नवासित करते हुए गुआवजा दिया जाए।


भवदीया


(श्रुति)
मैनेजिंग ट्रस्टी

Thursday, August 16, 2012